अब गाजा से बाहर अपने विरोधियों को मार रहा है मोसाद !! मारा गया हमास का नेता और ईरान में बम धमाके

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नमस्तर दोस्तों स्वागत है आप सभी का हॉपरीड न्यूज पर । मै हूँ नितिनभईया हाल ही में एक ऐसी खबर निकल कर आ रही है। जिसके चलते यह माना जा रहा है कि इजरायल ने हमास से बदला लेने के लिए अब केवल गाजा तक ही सीमित रहने का विचार त्याग दिया है। अब वह अपने विरोधियों को दूसरे देशों में भी जाकर के मार रहा है। ऐसा हाल ही में एक घटना हुई जब गाजा के अंदर जो हमास सक्रिय था, उसके एक डेप्युटी लीडर को सबसे शीर्ष और उसके जस्ट नीचे का जो लीडर था। उस लीडर को पड़ोसी मुल्क अन्य जिसका नाम लेबनान है। उसकी राजधानी बेरुत में कल रात मार गिराया।

इस घटना के बाद से बड़े प्रश्न यह उठने लगे हैं कि क्या इजराइल अपने दुश्मनों को मारने के लिए दूसरे देशों की आधिपत्य का ख्याल नहीं रखेगा।संप्रभुता के नाम पर लेबनान से क्या इस बात की परमिशन ली गई थी। कुछ समय पूर्व इसी तरह से सीरिया के अंदर भी इन्होंने हमला कर के सीनियर लीडर को मारा था कि किसी प्रकार से हाल ही में इन्होंने लेबनान के अंदर हमास एक लीडर को मार गिराया है और। ईरान में हाल ही में एक और घटना देखने को मिली । वह यह थी कि कासिम सुलेमानी जिसकी कभी 4 साल पहले अमेरिका ने ड्रोन से हमला करके हत्या की थी, जिस को मारा था उस कासिम सुलेमानी की चौथी एनिवर्सरी थी। उस पर सैकड़ों लोग जुटे थे। वहां पर एक शिया दीनी हमला होता है और 100 से अधिक लोग हमारे जाते हैं। बड़े तरह से सवाल उठ रहा है

कि इजरायल अपने दुश्मनों को अब किसी भी देश में जहां पर भी है, वहां पर मोसाद के जरिए मरवा रहा है

यही तो कारण है कि ईरान और ईरान समर्थक जो लोग हैं, वह मोसाद के एजेंट को ढूंढना शुरू कर रहे हैं। इसी क्रम में ईरान के द्वारा हाल ही में अपने देश में चार मोसाद से जुड़े हुए लोगों को फांसी की सजा दी गई है। हालांकि मोसाद के एजेंट बड़े।अंडरकवर तरीके से काम करते हैं लेकिन संभवत है जिसकी जानकारी बाहर आई हो। इसी प्रकार से तुर्की ने अपने देश में लगभग 33 लोगों को हाल ही में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह मोसाद से कनेक्टेड थी। सारी बातें हैं। जो आज हमे आपसे डिस्कस करनी है जैसा कि आप सभी जानते हैं कि इसराइल हमास के बीच का संघर्ष अब 90 वे दिन में प्रवेश कर चुका है। नेतन्याहू जो यह खुद स्वीकार कर चुके हैं कि उनकी सुरक्षा की फैलियर थी कि हमास इनके देश में घुसकर हमला किया। अब तुर्की से खबर आ रही है कि मोसाद जिसकी फैलियर की बातें थी। असल में क्या है ना इसराइल की जो मुसादिया इंटेलिजेंस एजेंसी है, उसे दुनिया की सबसे डेडलिएस्ट या खतरनाक सुरक्षा एजेंसी या इंटेलिजेंस एजेंसी माना जाता है क्योंकि उसके कीर्तिमान में रैथ ऑफ गॉड नाम का एक ऑपरेशन जुड़ा हुआ है। जिसमें यह कहा गया था कि एक बार इजराइली खिलाड़ी ओलंपिक में फिलिस्टेनिओ आतंकियों के द्वारा मारे गए थे। उसका बदला लेने के लिए दुनिया भर में ढूंढ ढूंढ कर के अपने बदले को अंजाम दिया था तो जब हमास ने।जब इजरायल पर हमला किया तो मोसाद के ऊपर प्रश्न उठे थे कि मोसाद यानी कि इजरायल की सुरक्षा एजेंसी कहीं ना कहीं कॉन्प्रोमाइज हो गई है। उसके अंदर अब वह ताकत नहीं बची है

इसी बीच में तुर्की से आप यह खबर देखते हैं कि 33 लोग मोसाद से जुड़े होने के बीच में गिरफ्तार हो जाते हैं। ईरान 4 लोगों को उठा कर के फांसी की सजा दे देता है क्योंकि ये मोसाद से जुड़े हुए हैं। यह तो बिल्कुल ऐसा हो रहा है कि बिल्कुल कुत्ते बिल्ली वाली लड़ाई चल रही है। उधर की तरफ से अगर कोई मोसाद के एजेंट को पकड़ रहा है तो मोसाद तत्काल प्रभाव से काम करके उनके समर्थकों को मार गिरा रहा है।

ऐसी स्थिति हुई जब हमास के डेप्युटी लीडर जिसका नाम सालेह अल-अरौरी है वो बेरूत ब्लास्ट के अंदर मारे गए हैं। आप यहां पर खबर देख सकते हैं।

95 लोग बॉम्ब ब्लास्ट मे मारे गए है या 100 से अधिक लोगों की ईरान में ब्लास्ट में मारे जाने की खबर बैक टू बैक आती है। यानी कि अब यह जो युद्ध है। यह बाउंड्री क्रॉस कर चुका है और अन्य देशों में एंट्री कर चुका है। इन सारी बातों को डिटेल में करेंगे। है। इसराइल पर 7 अक्टूबर का दिन बड़ा ही ऐसा है कि उसे ब्लैक डे के रूप में भी कहा जा सकता है क्योंकि इसराइल ने कभी सोचा नहीं था कि हमास इस तरह से हम लाइन के ऊपर करेगा। सवाल उठने लगे कि इजराइल की खुफिया एजेंसी में अब वह दम की बात नहीं बची है। इस कारण से इजरायल के ऊपर हमला हो गया है। हालांकि इस हमले के 90 दिन बीत चुके हैं और इसी 90 दिन के अंदर इजरायल की सुरक्षा एजेंसी पर एक और प्रश्नवाचक चिन्ह खड़ा हुआ और वह क्या था कि मोसाद के चार एजेंट क्योंकि ईरान में अंडरकवर थे। उन एजेंट्स को ईरान ने फांसी दे दी है। हालांकि ईरानी नागरिक बताए गए थे। ईरानी नागरिक थे, मोसाद के लिए काम कर रहे थे, लेकिन ईरान की सुरक्षा एजेंसी ने इन्हें पहचान लिया और उन्हें फांसी दे दी। ऐसा ही इसका क्या हाल ही में तुर्की में भी हुआ है जहां पर ईरान के।जहां पर मोसाद से कनेक्टेड कुछ लोगों को तुर्की की पुलिस ने पकड़ लिया और उन्हें वहां पर अभी गिरफ्तार कर लिया है। यहां पर आप देख सकते तुर्की के भी 34 संदिग्ध व्यक्ति गिरफ्तार हुए हैं तो निश्चित ही दुनिया में जो मोसाद का भय था, वह धीरे-धीरे कम करने का ही तो प्रयास कर रहे हैं। लोग यह सही दिशा में जा रहा है क्योंकि इजराइल में मोसाद के होते हुए कोई और हमला उस पर हो जाए। यह किसी ने सोचा नहीं था और उसी क्रम में ईरान के अंदर लोगों का गिरफ्तार होना और तुर्की में गिरफ्तार होना यह दिखाता है कि शायद मोसाद के अंदर कोई ना कोई लेकर आ गया है। कोई बात नहीं, लेकिन इसी बीच में फिर अचानक खबर निकल कर आती है और वह क्या है कि मोसाद जो कि अपने डेडलिएस्ट अटैक के लिए जाना जाता था, उसकी फेलियर को फेलियर न माना जाए। यह वही लोग हैं जिन्होंने रैथ ऑफ गोड जैसा ऑपरेशन किया था वो बोले, हम अपनी पहचान बताएंगे कि हम कौन हैं और ऐसा करते हुए मोसाद ने अभी से मात्र 19 घंटे पहले हम आपके के डेप्युटी लीडर जिनका। साले अधूरी था। उन्हें बेरुत के अंदर मार गिराया।

7 अक्टूबर 2023 से जब से जारी हुआ है इजरायल और हमास का यह जो हमला है इस बीच में इस्राइल के उत्तर में एक देश है लेबनान, जिसकी राजधानी बेरुत है, वहां पर यह हमास का लीडर था और बेरूत बड़ी ही डेंसली पापुलेटेड जगह है। यह ब्लास्टिक ड्रोन के द्वारा एक बिल्डिंग के कमरे में किया गया था। यानी कि हवा में उड़ता हुआ ड्रोन निशाना बनाता है। दुश्मन के क्षेत्र में और वहां पर ये व्यक्ति मारा जाता है। इस व्यक्ति के मारे जाने के बाद यहां पर न्यूज़ निकल कर आती है कि एक सीनियर हमास का ऑफिशल मारा गया है और इस को मारने के पीछे इजराइली ड्रोन का हाथ है। तस्वीरें बाहर आती हैं और तस्वीर!

तस्वीरे आने के बाद में ईरान खुल कर बाहर आता है। वह कहता है कि हम लोग इन लोगों का सम्मान करते हैं जो मारे गए हैं। अब जितना हमें मारेंगे उतने ही और लोग पैदा हो जाएंगे। इस प्रकार से सलाह अल-अरौरीजो जो है उसके सम्मान में ईरान में पोस्टर टंग जाते हैं। आप इससे अंदाजा लगाइए कि अब यह पब्लिक हो चुका है कि किस प्रकार से ईरान हमास हिजबुल्ला यह सब एक हैं। इस बीच में अमेरिका का बयान अमेरिका कहता है कि इजरायल ने इस हमले को प्लान किया। उसे हमें बताया भी नहीं, उचित समय हमला करने जा रहा था। केवल उस समय हमें इन्फॉर्म किया कि हम उसे मारने जा रहे हैं। डेट में इजरायल और अमेरिका से भी इंडिपेंडेंट होकर आगे बढ़ रहा है। इसी बीच में इसराइली डिफेंस फोर्सेस के द्वारा गाजा के अंदर भी बड़ा ही प्लांट तरीके से हमला किया गया जिसमें हमास का जो इंटेलिजेंस रूम था जहां से यह सारी चीजें जानकारी एक दूसरे के साथ साझा किया करते थे, उसे बर्बाद किया गया। इसके बाद हिजबुल्ला बाहर निकल कर आता है।हिजबुल्ला आतंकी संगठन है जो कि शिया मुसलमानों से बना हुआ है और यह लेबनान में मेजर शक्ति संगठन है यानी कि उसका काफी बड़ा कंट्रोल है यहां पर ,लेबनान के अंदर हिजबुल्ला के जो लीडर है वह बाहर निकल कर आते हैं और अपनी तरफ से इसराइल को धमकी देते हैं और कहते हैं कि इनका मारा जाना निश्चित ही हमारी लेबनान की संप्रभुता पर प्रश्न है। ऐसी स्थिति में हम इसका तगड़ा बदला लेंगे। बदले की धमकी तो थोड़े दिन पहले ईरान ने भी दी थी। इजरायल को कब दी थी जब आपको याद होगा एक बहुत ही करीबी व्यक्ति था जो कि सुलेमानी का बहुत राइट हैंड माना जाता था। सैयद रजा मौसमी के नाम से सैयद रजा मौसमी ईरानी कुर्द सेना का हेड जनरल था। कासिम सुलेमानी जब मारा गया 4 साल पहले तो यह व्यक्ति था जो कि और देशों के अंदर रहकर इजराइल के खिलाफ माहौल बना रहा था। यह व्यक्ति इजरायल के पूर्व में स्थित एक देश है सीरिया जहां पर जगह है दमस्कस ,वहां पर आया हुआ था। इसराइल ने हमला करके उसे भी मार गिराया। इस के मरने के बाद में ईरान ने इजरायल को धमकी देते हुए नेतन्याहू के मारने का वीडियो जारी किया था क्योंकि सुलेमानी का मरना और सुलेमानी के मरने के बाद में इस व्यक्ति का मरना जिसका नाम है। सैयद रजा मौसमी यह बैक टू बैक ईरान की काफी बड़ी हार साबित हो रही थी। इसके चलते ईरान ने इजरायल को धमकी दी थी और कहा था कि जिस पर जिस दिन नेतन्याहू बैठे होंगे, हम उन्हें बुरी तरह से मारेंगे तो मारने का धमकी भर दिया गया। नेतन्याहू को तो नेतन्याहू ने संभवत इसका भी बदला ले लिया और किस दिन लिया जब कासिम सुलेमानी की डेथ एनिवर्सरी का चौथा साल था। चौथे साल के दिन लोग इकट्ठा हुए थे। ईरान में लोग इकट्ठा हो गए और उसी बीच में इनकी कब्र के नजदीक जब लोग इकट्ठा हुए तो वहां पर एक हमला होता है।

ईरान के अंदर 100 लोगों को एक साथ कैसे मारा जाता है ?

एक व्यक्ति अपने अंदर बम बांधकर के आता है वहां पर रिमोट से हमला करके और लोगों को वही की वही हमले में उड़ा देता है। रिमोट से ब्लास्ट हुआ सूटकेस में बम रखे थे। ऐसी जानकारी निकलकर आई और जब सिक्योरिटी फोर्स आने लगी, फिर एक और ब्लास्ट हुआ। इस प्रकार से ईरान के अंदर लगभग 100 से अधिक लोग मारे गए जिसकी तस्वीरें आपके सामने यहां पर निकल कर आ रही हैं।

लोगों ने मानी के समर्थन में जुट रहे थे। यानी कि अब यह बात और ज्यादा क्रिटिकल होती जा रही है। इजरायल और ईरान के बीच में अब यह युद्ध हो रहा है क्योंकि अब हमास की चर्चा इतनी नहीं है। जितनी ईरान के लीडर की मौत की सुर्खियां आ रहे हैं। ईरान में नुकसान की खबरें आ रही हैं। क्योंकि ईरान ने ही हमास के लीडर को भड़का करके इजरायल पर 7 अक्टूबर का हमला कराया था। अब 7 अक्टूबर के बदले में हमास से बदला तो लिया जा ही रहा है

इजराइल की मोसाद देश भर मे चाहे लेबनान हो या सीरिया हो फिर चाहे ईरान हो जहां जहां उसके दुश्मन है, उन को टारगेट करके मार रहा है। लेकिन इस प्रकार से आमना-सामना हो जाना। यह किसी ने सोचा नहीं था। असल मायने में ईरान और इजरायल के आमने सामने हो जाने से बड़ा। प्रश्न बन रहा है कि क्या इजरायल ने इन 100 लोगों को मरवाया है। इजराइल ने इस बात से किनारा कर लिया है और कहा है कि नहीं, यह हमने नहीं मरवाया है। किसी इस प्रकार का हमला लग रहा है क्योंकि फिलाएडीनी प्रकार का हमला है। किसी और ने अपनी जान गवा करके इस प्रकार का हमला किया है, लेकिन इस हमले के बाद से अलर्ट है कि ऑयल की प्राइसस बढ़ सकती है ईरान बड़ी मात्रा में दुनिया को एक्सपोर्ट तेल करता है। ईरान युद्ध में शामिल होता है तो तेल का निर्यात प्रभावित होगा। तेल का निर्यात प्रभावित होगा तो तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं। ऐसा माना जा रहा है कि ईरान पर इस प्रकार के हमले आने वाले। समय में गल्फ वर की सिचुएशन क्रिएट कर सकते हैं। यही कारण है कि दुनिया भर के अखबारों में छपने लगा है कि इससे और ज्यादा स्थितियां क्रिटिकल हो सकती हैं। खैर फिलहाल जैसा भी है। इजरायल को अपना बदला लेना उसके हिसाब से सही लगता है और ईरान अपने लोगों की हिफाजत के लिए यह सारे काम कर रहा है। दुनिया में यह वर्चस्व की लड़ाई है। संभवत या किसी एक के ही लीडर बनने तक चलती रहेगी। फिलहाल के लिए इतना ही बाकी आप इस विषय पर क्या सोचते हैं? कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं

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