लक्षदीप में समंदर किनारे सैर और डुबकी के बहाने असल मे ये काम करने गए थे मोदी जी, ममोहम्मद मोहीजु का मोए मोए हो गया?

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लक्षदीप नाम आजकल बहुत चर्चा मे है, तो स्वागत है दोस्तों आप सभी का हॉपरीड न्यूज पर । मै हूँ नितिनभईया आप है मेरे साथ में एक ऐसी घटना का जिक्र करने के लिए जिसे जानते हुए आपको भारत के द्वारा हाल ही में किए गए एक काम से मन ही मन बड़ी खुशी होगी। खुशी का भाव मन में इस प्रकार से आएगा कि ये तो बिल्कुल शतरंज के दाव पेच खेल रहे है। क्योंकि भारत में प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा यह कारनामा किया जा रहा है। इसलिए आज की  खबर मे नाम भी है मोदी का ,और तस्वीर भी है मोदी की ,और विशेष रूप से इसलिए मोदी की तस्वीर है क्योंकि इस तस्वीर ने मालदीव की नींद उड़ा दी है। क्या है पूरी कहानी आज बताएंगे।

मालदीव के हाल ही में नए राष्ट्रपति बने मोहम्मद मोहीजु जिन्होंने कहा है कि मैं जैसे ही राष्ट्रपति की सीट पर बैठूंगा। निर्वाचित होते ही बोला कि जिस दिन में सीट पर बैठूंगा बैठते ही इंडियन सैनिकों को यहां से निकाल दूंगा। भाई साहब इसने यह जानकारी जैसे ही दी। भारत ने इसको कुछ सीरियसली ले लिया। की तुम इंडियन सैनिकों को तुम निकाल दोगे। आप मे से शायद ही कुछ लोगों को पता हो कि मालदीव में भारतीय सैनिक हैं। मोहम्मद मोहीजु ने कहा की मे जिस दिन प्रेसिडेंट बनूंगा, पहले हफ्ते में ही इंडियन सैनिकों को निकाल दूंगा।

क्यू मोहम्मद मोहीजु इंडियन सेनिकों को को बाहर निकालने की कह रहे है ?

मालदीव्स में लंबे समय से इंडिया आउट कैंपेन चल रहा था कि भारतीयों को यहां से निकाल दीजिए। भारतीयों को निकालने की कहानी के पीछे कहीं ना कहीं चीन जिम्मेदार रहा होगा या कोई और ऐसा देश जो कि मोहम्मद मोहीजु जो को भड़का रहा होगा, वह हो सकता है कि भारत के अति प्रिय पाकिस्तान और उसके अति प्रिय तुर्की का देन हो। इंडिया ने कहा, ठीक है हम अपने सैनिक हटा लेंगे। चिंता ना करो लेकिन साहब इंडिया ने तमाम कहने के बाद भी अब तक सैनिक नहीं हटाए। मोहम्मद मोहीजु फिर बोले कि साहब इंडिया इतनी बड़ी डेमोक्रेटिक कंट्री है। हम मुट्ठी भर लोगों के लिए क्या यह ऐसा नहीं कर सकती।

मोदी जी ने कैसे किया मोहम्मद मोहीजु का इलाज ?

इंडिया ने कहा रुको यार तुम्हारा सही से इलाज करना पड़ेगा। कुछ नहीं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लक्षदीप मे जाकर समुंदर के अंदर लंबी सांसे लेकर आ गए। भाई साहब इन्होंने जाकर समुंदर की गहराइयों में लक्ष्यदीप में लंबी सांसे ली है, लेकिन सांसे कम मालदीव की हो गई है

लक्षदीप को अचानक से लोग इतना सर्च क्यू रहे है ?

पीएम मोदी ने जैसे ही अपनी एक तस्वीर डाली। तुरंत गूगल पर 50,000 से ज्यादा तो केवल लोग सर्च करने लग गए। आखिरकार इंडिया में ऐसी जगह कहां है? भारत मालदीव्स को उसी की भाषा में सिखाने की कोशिश कर रहा है। कैसे की गई है तो एक बार मैप देख लेते हैं

इंडिया के दक्षिण! चलेंगे तो  मालदीव दिखाई देगा। Equator (एकुअटेर) के नजदीक बसा हुआ देश है। यहां पर लगभग 1200 छोटे छोटे आईलैंड है। दिल्ली का पांचवा हिस्सा के बराबर ईस देश का छेत्रफल  है। लगभग 5 लाख आबादी है, लेकिन आबादी से ज्यादा यहां टूरिस्ट आता है। यहां की जीडीपी का बड़ा हिस्सा लगभग 30% की जीडीपी का हिस्सा टूरिज्म से आता है। 1200 के आसपास आईलैंड है, लेकिन इन्हीं आईलैंड से मिलते-जुलते आईलैंड इंडिया में भी हैं। यदि आप मालदीव्स की राजधानी माले को मैप में देख रहे हैं। भारत के दक्षिण में तो भारत के दक्षिण पश्चिम की तरफ भी आपको मालदीव्स की तरह ही कुछ और डॉट्स दिखाई पड़ते हैं और ये डॉटस आपको दिखाई पड़ते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहीं चले गए हैं जिन्हें समझ में आ गया है कि किस प्रकार से दुखती नस को प्रधानमंत्री ने पकड लिया है, मालदीव जो की पूरा टूरिज्म के ऊपर टीका  हुआ है , “प्रधानमंत्री जाते हैं और भारत वालों से कहते हैं कि सुनो भैया लाखों की संख्या में मालदीव जाते हो।” यह बोले नहीं है वो, प्रधानमंत्री की बड़ी खासियत है। की वो अपने  पोजीशन में खड़े व्यक्ति का नाम नहीं लेते। लेकिन समझ सब लोग जाते हैं। मालदीव का नाम नहीं लिया और लक्ष्यदीप जो मालदीव से सिर्फ 129 किलोमीटर दूर है  वहां जाकर कह दिया की , भाई सब कुछ है यहां , कहीं और जाने से पहले यहां आ जाइए, ये सुनकर एकदम जबरदस्त एडवर्टाइजमेंट हुआ लक्षदीप का , स्पॉन्सरशिप में मालदीव्स टॉप ट्रेंड में आ गया है। और मालदीप पर संकट आ गए। पूरी डिटेल में आज आपको सारी बातें बताएंगे।

मालदीव के प्रेसीडेंट बनने के बाद प्रेसीडेंट को सबसे पहले भारत इसलिए आना होता है  

मालदीव  में जब भी कोई प्रेसिडेंट आता है तो उसकी सबसे पहली ड्यूटी है कि वह इंडिया हाजिरी देने आएगा। जैसे ही आप राष्ट्रपति बनोगे। सबसे पहले इंडिया आओगे। इंडिया से कहोगे कि सर थोड़ा ध्यान रखना, क्योंकि जब भी मालदीव में कोई संकट आएगा तो आपको हमारी मदद करनी है, चलो मे एक बात और बताता हु

मालदीव 1200 आईलैंड का बना हुआ देश है। साल 2050 तक लगभग 80% माल दीप जल मग्न हो जाएगा। खत्म हो जाएगा 2050 तक जिस प्रकार से समुंदर का तल बढ़ता जा रहा है। पानी में ईसका डूबना तय माना जा रहा है। दूसरा यहां पर कैसी भी आपदा आए। यहां पर सबसे पहले जो मदद पहुंचाई जा सकती है, वह इंडिया से है। श्रीलंका से नहीं है। इंडिया से मात्र 1 घंटे के भीतर यहां पर मदद पहुंचाई जा सकती है। यहा तक की श्रीलंका को भी इंडिया ही  मदद पहुंचाता है। ऐसी स्थिति में मालदीव का सबसे निकट सहयोगी और सबसे जरूरी देश इंडिया है। लेकिन कई बार कहते हैं कि लोगों को गले में पहनी हुई सोने की चेन से भी दिक्कत होने लगती है। संभवत यही मालदीप का हाल है

आज से पहले के राष्ट्रपतियों का प्रमाण रहा है कि वह अपनी पहली यात्रा भारत की करते है लेकिन मोहम्मद मोहीजु  ने भारत की यात्रा नहीं की। इन्होंने पहली यात्रा तुर्की की करी, चली तो देखिए क्या हुआ

मोहम्मद मोहिजु  जब चुनाव में थे। इन्होंने अपने लोगों से कहा कि मैं जैसे ही सत्ता में आऊंगा। भारतीय सेना को मालदीव से हटा दूंगा।  क्या है ना क्षेत्र में बड़ी मात्रा के अंदर तूफान भी आते हैं। किसी प्रकार की प्राकृतिक आपदा आती है। यहां पर कोई समुंदरी लुटेरे ना आ जाए। इस तरह की चिंता रहती है तो होता क्या है कि भारत के द्वारा इनकी सुरक्षा के लिए हेलीकॉप्टर हवाई जहाज यह सब भेजे हुए हैं। की जब भी आपको जरूरत पड़े तो समुद्रतट रक्षक के रूप में हेलीकॉप्टर काम कर ले या फिर समुन्द्र बीच के ऊपर ध्यान रखने के लिए काम कर ले। भारत ने इनकी मदद के लिए इनको हवाई जहाज दिए हुए थे। हेलीकॉप्टर दिए हुए थे और इनके सर्विसेज के लिए कुछ अच्छे इंस्ट्रूमेंट दिए हुए थे। इस कारण से भारतीय टीम अपने जो मशीन हैं, इनके साथ वाहा रुकी हुई थी। यह महाराज यहां आते हैं तो कहते हैं कि मैं जैसे ही सत्ता में आऊंगा तब से पहले इंडियंस को यहां से भगाऊँगा। यानी कि सैनिकों को वापस भेजूंगा। यह कहकर यह चुनाव जीतते हैं।

पांच लाख की आबादी वाला देश आज हमारे 140 करोड लोगों के बीच में डिस्कशन का मुद्दा बना हुआ है। ऐसी स्थिति में यहां पर मोहम्मद मोहिजु  राष्ट्रपति बनते हैं। आठवें मालदीव के राष्ट्रपति बनते हैं और भारत से कहते हैं कि कृपया अपनी सेना को वापस यहां से बुला लीजिए, मोहम्मद मोहिजु  हमसे कहते हैं कि कोई सलूशन निकाल लेंगे अपनी सुरक्षा का ,आप फिलहाल के लिए सेना को वापस ले जाइए।

जब कि मैं बता दूं कि इससे पहले जो राष्ट्रपति थे, जिनका नाम था, शोले है। वह भारत की यात्रा पर आए थे। सबसे पहले और भारत के प्रधानमंत्री उनके शपथ ग्रहण समारोह में गए थे। लेकिन शोले तो इन के विरोधी थे। भारत के समर्थक हैं। मोहम्मद मोहिजु  भारत विरोधी हैं। इसी कारण अपनी पहली यात्रा टर्की की करके आते हैं और नेक्स्ट यात्रा अब चाइना की करने जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में भारत को मालदीव के राष्ट्रपति का रवैया पसंद नहीं आया, भारत ने मालदीव के राष्ट्रपति से मुलाकात दुबई में भी की थी। समझाने का प्रयास किया था कि भैया जिद छोड़ दो, लेकिन यह जनाब कहते हैं कि मैंने तो चुनाव में वादा किया हुआ है। अपनी जनता से कि मैं भारतीय सेना को वापस भेजूँगा। और भारतीय सेना के ज्यादा लोग भी नहीं है। वहां पर मुश्किल से 70-80 लोग हैं। लेकिन इन्होंने चुनाव प्रचार के 5 लाख लोगों के बीच में मुद्दा बना लिया की सैनिकों को वापस भेजेंगे। ऐसी स्थिति में भारत वाले समझाये की ऐसी जिद नहीं करते हैं, लेकिन मोहम्मद मोहिजु नहीं माने और भारतीय सेना को हटाने के पीछे पड़े हुए है । भारत ने कहा सुनो यार नहीं हटा रहे हम और जो तुमसे हो कर लेना।

लेकिन इसी बीच में आपके मन में एक बात  होगी कि भारत नहीं हटाने का निर्णय लिया। यह समझ में आता है की हमारा क्या बिगाड़ लेगा, लेकिन इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की किरकिरी हो सकती है। कि भारत एक लोकतांत्रिक देश होकर दूसरे लोकतांत्रिक देश के।राष्ट्रपति के द्वारा मांग करने पर भी उसकी बातें नहीं सुन रहा है। इसलिए भारत ने एस्को  दूसरी तरह से सीख सिखाने का निर्णय लिया। थोड़ी सी मालदीव की जिओग्राफी जान लेते है,

है क्या मालदीव मे ?

 मालदीव 90,000 वर्ग किलोमिटर मे चारों तरफ से समुन्द्र से घिरा हुआ देश है जहां से  129 किलोमीटर दूर पर इंडिया है। यहां पर 1200 दीपों के ऊपर पूरा देश बसा हुआ है। इनमें से अगर हम प्रमुख द्वीप की बात करें तो कुल मिलाकर 298 वर्ग किलोमीटर के आसपास का क्षेत्रफल यहां पर है। जहां लोग रहते हैं। 1200  द्वीपों में से ज्यादातर पर कोई नहीं रहता है।

  • 5 लाख की आबादी है
  • जिसमें से 40 परसेंट लोग मालदीव की राजधानी माले में रहते हैं
  • 5 लाख की आबादी है और जिसमें से 40 परसेंट लोग मालदीव की राजधानी माले में रहते हैं ये मुस्लिम बहुल देश है। 98.4 प्रतिशत लोग यहां पर मुस्लिम हैं।
  • मालदीव की आधिकारिक भाषा दिवेही है। जो  श्रीलंका के सिंहली से मिलती जुलती है
  • सबसे प्रमुख जो आय का साधन है, वह पर्यटन है।

सब लोग यहां पर पर्यटन के लिए क्यों जाते हैं क्योंकि इसके आईलैंड जो है वह कोरल आईलैंड है, कोरल एक समुंदरी जीव है जो बड़ा खूबसूरत दिखता है। पानी का तट बहुत कम होता है। क्लीन बीचेस होते हैं । समुंदर में बहुत ही अच्छे से वाटर रिसोर्ट बने होते हैं। लोग इन्हें घूमने के लिए मालदीव जाया करते हैं। अब आती है भारत की बारी, भारत में समझाने के लिए तरीका थोड़ा अलग तरीके से अपनाया

न्यू ईयर पर प्रधानमंत्री पहले तो पहुचते हैं तमिलनाडु और उसके बाद लक्षदीप

न्यू ईयर पर प्रधानमंत्री पहले तो पहुचते हैं तमिलनाडु और उसके बाद  2 और 3 जनवरी के दिन लक्ष्यदीप पहुच जाते है ,लक्ष्यदीप जो कि मालदीव्स के 754 km दूर है थो अब लक्षदीप की विजिट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचते हैं। पहुंचने का बड़ा कारण केवल इतना था कि यहां पर कुछ योजनाओं का उद्घाटन होना था जिनमें से बड़ी योजना यह थी कि केरल से लक्ष्यदीप तक पानी के भीतर सब्मरीन से इंटरनेट केबल बिछाई गई थी। उसका उद्घाटन होना था और  इंटरनेट सेवा अब यहां पर भी हाई हो चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2020 में जब आखरी बार यहां गए थे तब कह कर आए थे कि मात्र 1000 दिन में आपके इंटरनेट स्पीड यहां पर 100 गुना बढ़ जाएगी और वैसा कर दिया। यही बताने के लिए मोदी जी लक्षदीप  गए थे और यहां जाकर इन्होंने कई और परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया।  प्रधानमंत्री लक्षदीप के अंदर जब पहुंचते हैं तो लक्ष्यदीप के बारे में आप थोड़ा सा पहले ही जान लें ताकि आप मालदीव का लक्षदीप से तुलना कर पाए ,

क्या लक्षदीप, मालदीव से अच्छा है

लक्षदीप की अपनी ऑफिशल वेबसाइट पर लिखा है कि यहां पर 36 आईलैंड्स है। जिस प्रकार से 1200 आइलैंड से मिलकर मालदीव  बना हुआ है जहा 5 लाख आबादी रहती है। यहा 36 आईलैंड्स है और 60,000 की आबादी है यह पूरी तरह से भारतीय आईलैंड है। जिस प्रकार से अंडमान निकोबार भारत का है, वैसे ही लक्ष्यदीप भी भारत का ही आईलैंड है और यह आईलैंड भी कोरल आईलैंड है। यहां पर लोग मुख्यता 32 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में रहते हैं। प्रधानमंत्री यहां पहुंचते हैं। यहां के लोगों से मिलते हैं और यहां के लोगों से मिलने के बाद उनके साथ अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हैं। सरकारी लोगों से मुलाकात और उसकी तस्वीरें बाहर आती है। प्रधानमंत्री यहां पहुंचकर के लगभग 1200 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन कर देते हैं और मार्केट में यह तस्वीर आती है

शायद बहुत लोग ये बोले की मोदी जी फोटो खिंचवाने गए थे। देखिए पहले ऐसे समजिए की देश का प्रधानमंत्री के पास इतनी क्षमता है वह किस भी जगह जाना चाहे, जा सकता है। एंजॉय कर सकता है। यहां पर इसका असली मकसद फोटो खिंचना नहीं है। बल्कि साहब ब्रांड एंबेसडर की भूमिका में आपके मन में क्यूरोसिटी पैदा करना है। की ये भी जाने लायक जगह है , जाने लायक फीलिंग आप में आ जाए उसी के लिए यह तस्वीरें प्रधानमंत्री ने यहां खिचवाई है, साथ ही साथ यहां पर कोरल्स (सामुन्द्री जीव ) की तस्वीरें और प्रधानमंत्री के द्वारा समुंदर के अंदर तैरकर वही सारे फीचर जो मालदीव में दुनिया एंजॉय करने जाती है, वह यहां पर अपनी तरफ से एंजॉय करते हुए दिखाई दे रहे है। मोदी जी समुंदर के कोरल को देखने के लिए खुद जाते हैं। यह केवल और केवल विज्ञापन था। प्रधानमंत्री खुद बोल रहे हैं कि इतना खूबसूरत है कि इसकी खूबसूरती को बयान करना नामुमकिन है। आईलैंड को एक बार देखने यहां भी आए।

असल में असली लड़ाई मालदीव के साथ थी, मालदीव्स के अंदर पानी के अंदर बने हुए रूम बड़ी चर्चा में होते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे यहां पर भी ऐसी रूम बन चुके हैं। विज्ञापन बहुत सही था और यह विज्ञापन मालदीव को बहुत महंगा पढ़ा क्योंकि मालदीव की 28 परसेंट जीडीपी और 60 परसेंट विदेशी मुद्रा का जो सोर्स है, वह टूरिज्म ही है। अब ऐसे देश में टूरिस्ट के रूप में अगर इंडियन जाता हूं तो इंडियन को ही यह कह दिया जाए कि बाहर जाने से बेहतर है कि पहले लक्ष्यदीप आओ

यदि भारतीय टूरिस्ट मालदीव के स्थान पर लक्ष्यदीप को अपना ऑप्शन चुनने लग जाए तो मालदीव्स को इससे करारा जवाब नहीं मिलेगा, जब प्रधानमंत्री ने यहां पर पानी के भीतर घुसकर मुंह से सांस लेती हुई पाइप लगाकर शॉर्टलिंक करी और साथ में उन्होंने जब कोरल्स को सर्च किया देखा तो लोगों ने गूगल पर सर्च में लक्षदीप को इतना तलाशा की। गूगल पर यह टॉप सर्चस में शामिल हो गया। सरकार ने अपने द्वारा इस बात को साझा किया कि प्रधानमंत्री का वहा डुबकी लगाना लोगों के द्वारा लक्ष्यदीप को ढूंढना अपने आप में यह दर्शाता है कि इंडियंस ने रहा तलाशी ली है और यह बहुत बड़ी बात है क्योंकि लक्षदीप की तस्वीरें भी मालदीव से कुछ कम तो नहीं है। प्रधानमंत्री ने अपना भाषण दिया। भाषण में उन्होंने बकायदा प्रॉपर तरीके से लोगों से कहा कि देखिए हम लोग पूरी तरीके से जगह को विकसित कर रहे हैं। इसी कारण से वॉटर विला का काम 2021 से यहां पर चल रहा है। यानी मोहम्मद मोहिजु बहुत गलत आदमी से पंगा ले लिए हो भाई, शायद आप लोगों को यह बात अब पूरी तरीके से अब समझ में आ गई हो ।

बाकी इस विषय पर आपकी क्या राय है। जरूर कमेंट बॉक्स में हमें बताइएगा

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